रविवार, 8 फ़रवरी 2015

युवाओं के कौशल उन्नयन में रेलवे भी करेगा सहयोग / In upgrading the skills of youth, Railways will also collaborate


-शीतांशु कुमार सहाय

-कौशल विकास एवं उद्यमिता (स्वतंत्र प्रभार)-सह-संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव प्रताप रुडी का रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु के बीच विशेष मंत्रणा
-युवाओं को दक्ष करने के लिए ‘स्किल एक्सप्रेस और स्किल स्ट्डीज’ जैसे कार्यक्रम
देश की मूल संरचनात्मक आवश्यकताओं को पूरा करनेवाला और एशिया का सबसे बड़ा व विश्व का दूसरा बड़ा भारतीय रेल नेटवर्क अपने 42,000 किलोमीटर की ऑप्टिकल फाईबर केबल नेटवर्क (ओएफसी) और रेलवे स्टेशनों की बुनियादी संरचनाओं-सुविधाओं के साथ कौशल उन्नयन के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भागीदार होगा। देश के अनेक क्षेत्रों में त्वरित प्रगति में सहायक तथा विभिन्न नीतियों के निर्माण और रेल प्रणाली के कार्य-प्रचालन की देख-रेख करने में रत भारतीय रेल अब देश के युवाओं को दक्ष करने के लक्ष्य को आत्मसात् कर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के साथ कदमताल करेगा। उक्त बातें कौशल विकास एवं उद्यमिता (स्वतंत्र प्रभार)-सह-संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव प्रताप रुडी ने शनिवार को रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु के साथ कौशल उन्नयन के क्षेत्र मंे भागीदारी से संबंधित सकारात्मक बैठक के उपरान्त कही।

-रेलवे के 3 महत्त्पूवर्ण संसाधन
कौशल विकास की योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए 150 वर्ष पुरानी भारतीय रेल के पास उपलब्ध तीन महत्त्पूवर्ण संसाधन बिजली, भवन और इण्टरनेट के संदर्भ में बात करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इन उपलब्ध संसाधनों के माध्यम सेे युवाओं को दक्ष करने के प्रयास को ‘स्किल एक्सप्रेस और स्किल स्ट्डीज’ जैसे कार्यक्रमों द्वारा गति प्रदान की जा सकती है। इन संसाधनों के उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए लिए कौशल उन्नयन मंत्रालय द्वारा विभागीय अधिकारियों, रेलवे अधिकारियों और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन शीघ्र ही किया जायेगा जिसमें प्राथमिकता सूची तैयार कर कार्य-योजनाओं को कौशल विकास मंत्रालय के अन्तर्गत एकीकृत किया जायेगा।

-ऑप्टिकल फाईबर से सम्बद्ध कौशल उन्नयन
भारतीय रेल में ऑप्टिकल फाईबर केबल का कौशल उन्नयन क्षेत्र में महत्त्व पर चर्चा करते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री रुडी ने बताया कि वर्तमान में देश के प्रखण्ड स्तर तक अपनी पहुँच बना चुके ओएफसी नेटवर्क का विस्तार रेलवे द्वारा ग्राम पंचायतों तक किया जा रहा है। इसका उपयोग शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ व्यापार, स्वास्थ्य, मनोरंजन और ई-गवर्नेन्स जैसी सेवाओं के लिए किया जायेगा। मंत्रालय ने इसकी महत्ता को समझते हुए रेल मंत्रालय को इसके माध्यम से व्यापक स्तर पर विडियो कॉन्ंफ्रेसिंग और ऑनलाईन प्रदर्शनों के माध्यम से कौशल उन्नयन के कार्यक्रमों के संचालन का प्रस्ताव दिया है।
-रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे कौशल विकास केन्द्र
श्री रुडी ने कहा कि वर्तमान में पारंपरिक और आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण लगभग आठ हजार रेलवे स्टेशनों द्वारा भारतीय रेलवे का संचालन होता है। इन्हीं रेलवे स्टेशनों में से कुछ को चिह्नित कर इनकी संरचना का उपयोग कौशल विकास केन्द्र स्थापित कर युवाओं को दक्ष करने का प्रस्ताव है। इसके लिए मंत्रालय द्वारा शीघ्र ही राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और रेल मंत्रालय के साथ एक कार्यकारी समूह (वर्किंग ग्रुप) का गठन किया जायेगा जो रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कौशल विकास केन्द्र हेतु चयन करेंगे। इन स्टेशनों पर भारतीय रेलवे के उपलब्ध भवनों का उपयोग कौशल विकास केन्द्र स्थापित करने में किया जायेगा।

-बिजली का अभाव है बाधक
कौशल विकास मंत्री ने कहा कि बिजली कौशल विकास केन्द्र के लिए एक अति आवश्यक संसाधन है जिसका अभी भी देश के दूर-दराज क्षेत्रों में अभाव युवाओं को दक्ष करने में बाधक बनी हुई है, इसके समाधान में भारतीय रेल का अहम योगदान हो सकता है जिसका प्रस्ताव कौशल विकास मंत्रालय द्वारा रेल विभाग को दिया गया है। विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पूर्व में अपने संबोधनों में इस तरह का विचार व्यक्त कर चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि स्टेशनांे पर रेलवे के भवनों के साथ-साथ बिजली का भी कौशल उन्नयन के क्षेत्र में समुचित उपयोग किया जायेगा।

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