रविवार, 3 मई 2026

जज अमन शर्मा की आत्महत्या ने महिला सशक्तीकरण पर सवाल उठाए Judge Aman Sharma's Suicide Raises Questions About Women Empowerment

 


-शीतांशु कुमार सहाय 

      बेटियों को पढ़ाना अच्छी बात है। पर, हाल के दिनों में जैसी घटनाएँ सामने आ रही हैं, उस से महिला सशक्तीकरण को ही एक तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है। पति IAS या IPS हो या फिर दूसरों को न्याय देनेवाला जज ही क्यों न हो, सभी अपनी कथित शिक्षित या नौकरीशुदा पत्नियों के सामने 'बिल्ली' बन जाते हैं। अन्ततः आत्महत्या भी करनी पड़ती है।
      दिल्ली के सफदरजंग इलाके में जज अमन कुमार शर्मा की आत्महत्या के मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। इस सनसनीखेज घटना के बाद मृतक के पिता ने जो जानकारी दी है, उस ने पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। पिता के मुताबिक, अमन लम्बे समय से मानसिक तनाव में थे और अपनी वैवाहिक ज़िंदगी को लेकर बेहद परेशान चल रहे थे।
      घर पहुँचने के बाद अमन ने पिता को बताया कि उन की पत्नी के साथ पिछले दो महीनों से विवाद चल रहा था और वह खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे थे। पिता के अनुसार, अमन की पत्नी भी एक ज्यूडिशियल ऑफिसर (जज) है और घर में उस का काफी दबदबा था। इस के अलावा घर में बहू की IAS बहन यानी कि अमन की साली निधि का भी हुकुम चलता था। अमन ने यह भी कहा था कि घर में हर फैसला निधि की मर्जी से होता था और वह स्वयं को असहाय महसूस कर रहे थे। निधि जम्मू में पदस्थापित है।
      ऐसे में यह तो कहना ही पड़ेगा कि बेटियों को केवल डिग्रीधारी न बनाएँ, उसे सामाजिक ज्ञान भी दें और पारिवारिक संस्कार भी सिखाएँ।

शनिवार, 2 मई 2026

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) सभी मोबाइल फोन पर भेज रहा अचानक ऐसा सन्देश The National Disaster Management Authority (NDMA) is Suddenly Sending Such a Message to All Mobile Phones.

 


-शीतांशु कुमार सहाय 

     अगर आप का फोन ऑन है। आप उस पर कोई काम कर रहे हैं। आप किसी से बात कर रहे हों, वीडियो देख रहे हों, मैसेज देख या भेज रहे हों, वीडियो बना रहे हों, फोटो खींचने में लगे हों या फोन पर कुछ और कर रहे हों तो अचानक वह काम रूक जायेगा और एक टेक्स्ट मैसेज स्क्रीन पर हिन्दी और अँग्रेजी में दीखने लगेगा और वही सन्देश ऑडियो में भी सुनायी देने लगेगा। आज २ मई २०२६ को दिन में ११:४५ बजे पटना सहित भारत के कई नगरों में ऐसा ही हुआ। सरकार ने कहा है कि ऐसे सन्देश अचानक आएँ तो घबराएँ नहीं।
     राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम को मजबूत करने के प्रयासों के तहत, शनिवार (२ मई, २०२६) को सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का देशभर में टेस्टिंग करनेवाला था और तय प्लान के तहत इसे पौने बारह बजे दिन में किया भी गया। काफी जगहों पर मोबाइल फोन यूजर्स को ये मैसेज रिसीव हुए। अगर आगे भी इस हफ्ते आप के मोबाइल फोन ने जोर से बीप किया या कोई अचानक मैसेज फ्लैश हो, तो घबराएँ नहीं। दरअसल, सरकार एक नये इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है जो चुने हुए क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन्स पर सीधे चेतावनी भेजता है और ये टेस्ट आम यूजर्स को दिखायी दे रहे हैं।
     ये पहल संचार मंत्रालय के तहत दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के साथ मिलकर चलाई जा रही है। ये सिस्टम 'सचेत' (SACHET) नामक अलर्ट प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेटेड है, जिसे सी-डॉट (C-DOT) द्वारा विकसित किया गया है।
     यह तकनीक मौजूदा SMS सिस्टम के साथ जोड़ी गयी है; ताकि सुनामी, भूकम्प, बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं और गैस लीक या केमिकल खतरों, विदेशी आक्रमणों जैसी मानव निर्मित इमरजेंसी में अलर्ट डिलीवरी को मजबूत किया जा सके। ये सिस्टम पूरी तरह से स्वदेशी है। सी-डॉट को इस सेल ब्रॉडकास्ट-बेस्ड अलर्ट सिस्टम के स्वदेशी विकास और इम्प्लीमेंटेशन की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।