रविवार, 23 मार्च 2025

श्रेष्ठ अभिनय व शानदार व्यक्तित्व के लिए याद किये जायेंगे राकेश पाण्डेय

 

पटना में फिल्म 'लल्लू बिहारी' की शूटिंग के दौरान राकेश पाण्डेय के साथ शीतांशु

-शीतांशु कुमार सहाय 

श्रेष्ठ अभिनेता राकेश पाण्डेय अब हमारे बीच नहीं रहे लेकिन मुझ जैसे सैकड़ों सहकर्मियों और लाखों प्रशंसको के मानस पटल पर सदा-सर्वदा जीवित रहेंगे। अपने लाखों पाठकों की ओर से मैं उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ और परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ!

हिंदी सिनेमा और भोजपुरी फिल्मों में अहम योगदान देने वाले प्रसिद्ध दिग्गज अभिनेता राकेश पांडे का शुक्रवार, 21 मार्च की सुबह दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने मुंबई के जुहू स्थित आरोग्यनिधि अस्पताल में सुबह 8:50 बजे अंतिम सांस ली, जहां उनका इलाज आईसीयू में चल रहा था। अंतिम संस्कार 22 मार्च को मुंबई के शास्त्री नगर श्मशान घाट पर किया गया जिस में परिवार और करीबी परिचित मौजूद थे। 

राकेश पांडे ने हिंदी और भोजपुरी सिनेमा में अपने यादगार अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। 1970 के दशक में फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले राकेश पांडे ने अपने प्रभावशाली अभिनय से कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। उन्होंने वर्ष 1971 में श्याम बेनेगल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘सुधा सुहागन’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। हालांकि, उन्हें असली पहचान 1974 में आई फिल्म ‘अनुभव’ से मिली, जिसमें उन्होंने अभिनेत्री तनुजा के साथ मुख्य भूमिका निभाई थी। यह फिल्म अपने गहरे सामाजिक संदेश और बेहतरीन अभिनय के लिए जानी जाती है।

राकेश पांडे ने अपने कॅरियर में कई हिंदी फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें शामिल हैं :-

‘अनुभव’ (1974) – तनुजा के साथ मुख्य भूमिका में

‘रजनीगंधा’ (1974) – अमोल पालेकर और विद्या सिन्हा के साथ

‘घर’ (1978) – विनोद मेहरा और रेखा के साथ

‘साजन बिना सुहागन’ (1978)

‘अहिंसा’ (1979)

हिंदी और भोजपुरी फिल्मों के अलावा, राकेश पांडे ने कुछ टेलीविजन शो और थिएटर में भी अभिनय किया। उनका अभिनय सहज और वास्तविकता से जुड़ा होता था, जिससे दर्शक उनसे गहराई से जुड़ पाते थे।

राकेश पांडे ने भोजपुरी सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई और कई लोकप्रिय फिल्मों का हिस्सा रहे। उनके अभिनय और दमदार डायलॉग डिलीवरी ने उन्हें भोजपुरी दर्शकों का भी चहेता बना दिया। उन का योगदान भारतीय सिनेमा के लिए अमूल्य रहेगा, और उनकी यादगार फिल्में हमेशा उन के शानदार करियर की गवाही देंगी।

राकेश पांडे का जन्म 9 अप्रैल 1940 को भारत के हिमाचल प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अपना एक्टिंग करियर 1969 में फिल्म 'सारा आकाश' से शुरू किया था। इसमें उन्होंने समर की भूमिका निभाई थी। इन्होंने हिंदी से लेकर भोजपुरी सिनेमा में लंबे समय काम किया और सफलता हासिल की। इन्होंने 1978 में 'मेरा रक्षक' में मंगल की भूमिका निभाई थी। जिससे उन्हें ज्यादा पहचान मिली थी।


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