रविवार, 30 मई 2021

पिछले वर्ष ही शीतांशु टीवी ने बताया कि चीन ने फैलाया कोरोना Sheetanshu TV Reported Last Year That China Spread Coronavirus or COVID-19


इन दिनों यह चर्चा विश्वस्तर पर हो रही है कि चीन ने नोवेल कोरोना विषाणु फैलाकर पूरे विश्व को महासंकट में डाल दिया और स्वयं चैन की वंशी बजा रहा है।

चीन की तरफदारी करनेवाला WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) China Virus (चीनी विषाणु) बोलने पर अमेरिका और अन्य देशों पर आग-बबूला हो गया और China Virus का नाम बदलकर Novel  Coronavirus (नोवेल कोरोना विषाणु) कर दिया।

अब चीन की तरफदारी WHO पर भारी पड़ रही है और उस पर चौतरफा दबाव है कि वह चीन के विरुद्ध सख्ती से पड़ताल करे कि चीन के प्रयोगशाला से किस के आदेश से और किस साज़िश के तहत नोवेल कोरोना विषाणु का संक्रमण आरम्भ हुआ।

विश्व के सभी देश डेढ़ साल से कोविड-१९ का दंश झेल रहे हैं। निश्चय ही यह जाँच होनी चाहिये।

पर, यह सच जानिये कि पिछले वर्ष ही Sheetanshu TV ने एक वीडियो बुलेटिन के माध्यम से यह राज उजागर किया था कि चीन ने ही COVID-19 (कोविड-१९) महामारी फैलाकर पूरी पृथ्वी के जन-जीवन को भारी परेशानी में डाला है। चीन ही इस महामारी से हुई करोड़ों मौत का जिम्मेदार है। संसार के करोड़ों लोग की असहनीय पीड़ा और पारिवारिक, सामाजिक व आर्थिक दुःख-दर्द का कारण भी चीन ही है। यह राज पिछले वर्ष २३ अप्रैल २०२० को ही Sheetanshu TV ने उजागर किया था। 

आप भी वह संग्रहनीय वीडियो बुलेटिन नीचे के Sheetanshu TV पर क्लिक कर अवश्य देखें.....

  Sheetanshu TV 

रविवार, 23 मई 2021

और यह है एक खुराक वाला कोरोना टीका This is Single Dose Corona or COVID Vaccine

-शीतांशु कुमार सहाय

    भारत में नोवेल कोरोना विषाणु के संक्रमण से फैलनेवाली महामारी कोविड-१९ (COVID-19) से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान जारी है। इन दिनों तीन तरह के कोविड टीके भारत में दिये जा रहे हैं- कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पुतनिक वी कोविशील्ड। इन तीनों टीकों की दो खुराकें कुछ सप्ताह के अन्तराल पर लेनी पड़ती है। पर, एक कोविड टीका ऐसा भी है जिस की केवल एक खुराक ही लेनी पड़ती है। आगे जानते हैं इसी एक डोज वाली वैक्सीन के बारे में।   

देखें एक डोज वाली कोरोना वैक्सीन का वीडियो 

    भारत में कई लोग इसलिए भी अबतक कोविड-१९ का टीका नहीं लिये हैं कि वे इस प्रतीक्षा में हैं कि स्पुतनिक का एक खुराक वाला टीका ही लेंगे, तो ऐसे लोग ध्यान से पढ़ें। पहले के आलेख में आप पहले जान चुके हैं कि स्पुतनिक-वी वैक्सीन की दोनों खुराक में दो अलग-अलग वायरस होते हैं। इन दोनों वायरस के नाम भी आप जान चुके हैं। अब जानते हैं स्पुतनिक-वी टीके की ही सिंगल डोज वाली वैक्सीन अर्थात स्पुतनिक लाइट (Sputnik Light) के बारे में।

    अब सच्चाई जानिये कि स्पुतनिक लाइट वैक्सीन वास्तव में स्पुतनिक-वी वैक्सीन की ही पहली खुराक है। स्पुतनिक-वी टीके की दो खुराकें तीन सप्ताह के अन्तराल पर दी जाती हैं। अब इसे बनानेवाली कंपनी रूस की गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने दावा किया है कि स्पुतनिक-वी का पहला डोज भी कोरोना संक्रमण से बचाने में कारगर है और इसे ही स्पुतनिक लाइट के रूप में बाज़ार में उतारा गया है। स्पुतनिक लाइट की प्रभाविकता यानी इफेक्टिवनेस ७९. प्रतिशत है जो अन्य वैक्सीन के दो डोज से भी अधिक है।

    अगर स्पुतनिक लाइट की मंजूरी भारत में मिलती है तो एक खुराक में ही अधिक टीकाकरण किया जा सकेगा। इस से टीकाकरण में तेजी आयेगी।

    भारत में अबतक स्वीकृत तीनों कोरोना वैक्सीन (कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक वी) नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण वाले व्यक्ति को गम्भीर होने और वेंटिलेटर पर जाने से बचाती हैं। इसलिए आप के आसपास जो भी वैक्सीन मिल रही हो, उसे तुरन्त लगवा लें। कोविड-१९ के ये तीनों टीके रोग के गम्भीर होने के खतरे को टाल देते हैं और आप के जीवन की रक्षा करते हैं।

    याद रखिये, कोविड वैक्सीन से कोरोना विषाणु को खतरा है, इसे लेनेवाले मनुष्य को नहीं।