शुक्रवार, 27 दिसंबर 2013

झारखण्ड : 13 वर्षों के इतिहास में 2013 में मामलों के निष्पादन में निगरानी ब्यूरो ने बनाया कीर्तिमान


शीतांशु कुमार सहाय/ Sheetanshu Kumar Sahay
झारखण्ड राज्य गठन के बाद से झारखंड निगरानी ब्यूरो द्वारा वर्ष 2013 के दौरान मामलों के निष्पादन में एक नया कीर्तिमान बनाया है। ब्यूरो ने इस वर्ष अबतक 97 मामलों का निष्पादन किया है। शेष बची अवधि में 30 अन्य मामलों का निष्पादन होने की संभावना है। इस स्थिति में कुल निष्पादित मामलों की संख्या 127 हो जायेगी। यह संख्या राज्य गठन के बाद अबतक किसी भी एक वर्ष में निष्पादित किये गये मामलों में सबसे ज्यादा है। 2012 में घूसखोरी सहित अपराध के कुल 42 मामले पकड़े गये जबकि 40 मामलों की जाँच का निष्पादन किया गया। दोनों को लेकर कुल 82 मामलों का निष्पादन किया गया जबकि 2013 में 20 दिसंबर तक ट्रैप के 26 कांड दर्ज किये गये और जाँच के 51 (कुल 97) मामलों को निष्पादन किया गया। वर्ष 2013 की शेष अवधि में 30 और मामलों की जाँच के निष्पादन होने की संभावना है। आलोच्य वर्ष 2013 में लंबित कांडों व जाँच के निष्पादन में गुणात्मक वृद्धि दर्ज की गयी है।
घूस लेने के कांड-- 
निगरानी ब्यूरो ने 2013 में घूस लेने के 26 कांड अंकित किये और इनमें 28 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में अधीक्षण अभियन्ता, कार्यपालक अभियन्ता, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कोषागार पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी सहित अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं।
घूसखोरों से नकद बरामदगी--
घूसखोरों के पास से 2013 में निगरानी ने 5 लाख 89 हजार 300 रुपये बरामद किये। घर और अन्य स्थानों से 22 लाख 32 हजार 210 रुपये जब्त किये गये। वर्ष 2012 में कुल बरामद 9 लाख 58 हजार 885 रुपये और 2011 में 67 हजार 800 रुपये बरामद किये गये थे। इसी प्रकार बरामद की गयी नकद राशि में कई गुणा वृद्धि हुई है।
बरामद का विवरण (वर्ष 2013)
1. कुल ट्रैप राशि: 5 लाख 89 हजार 300 रुपये।
ट्रैप राशि के अलावा नकद बरामदगी
2. कांड संख्या 01/2013 में 6 लाख 59 हजार रुपये।
3. कांड संख्या 02/2013 में 4 लाख 90 हजार रुपये।
4. कांड संख्या 07/2013 में 16 हजार 500 रुपये।
5. कांड संख्या 24/2013 में 4 लाख 77 हजार 410 रुपये।

बरामद का विवरण (वर्ष 2012) 
1. कुल ट्रैप राशि एक लाख 94 हजार 500 रुपये।
ट्रैप राशि के अलावा नकद बरामदगी
2. कांड संख्या 13/2012 में 7 लाख 64 हजार 385 रुपये।

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