बुधवार, 28 जनवरी 2015

किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर कौशल क्रेडिट कार्ड चलाने पर विचार : रुडी / On the lines of Kisan Credit Card consider running a Skills Credit Card : Rudy


-शीतांशु कुमार सहाय
-गुणवत्ता के तय मानकों पर ही चलाये जायें कौशल उन्नयन के कार्यक्रम
कौशल विकास एवं उद्यमिता (स्वतन्त्र प्रभार)-सह-संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव प्रताप रुडी ने निगमांे और औद्योगिक घरानांे को सरकार से जुड़कर गति और गुणवत्ता के तय मानकों के पैमाने पर देश में कौशल विकास के कार्यक्रम चलाने का आह्वान किया। श्री रुडी ने कहा कि मंत्रालय किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर कौशल क्रेडिट कार्ड योजना पर कार्य कर रहा है। यह एक बिल्कुल नया सोच है जो कौशल विकास के क्षेत्र में प्रभावशाली कदम होगा। वर्तमान मंे 10 करोड़ बैंक खाताधारकों को कौशल क्रेडिट कार्ड से किस प्रकार जोड़ा जाय, इस पर विचार किया जा रहा है। सम्मेलन में क्षेत्रीय कौशल विकास परिषद के विकास पर भी जोर दिया गया। नयी दिल्ली के होटल ली-मेरिडियन में कॉरपोरेट जगत के साथ एक महत्त्वपूर्ण बैठक में श्री रुडी ने कहा कि सरकार ने कौशल विकास का जो लक्ष्य रखा गया है, उसमें कॉरपोरेट जगत के साथ मिलकर गति लाने की आवश्यकता है। इस गति के साथ कौशल उन्नयन की प्रक्रिया में मानकीकरण भी महत्त्वपूर्ण है।
-शामिल हुए 30 ट्रेनिंग पार्टनर
सम्मेलन में मंत्रालय के सचिव सुनील अरोड़ा, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी के प्रमुखों के साथ तीस ट्रेनिंग पार्टनर व अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री रुडी ने कहा- हमारा मुख्य उद्देश्य कौशल विकास के अभियान में वांछित परिणाम के साथ-साथ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि बुनियादी सुविधाओं के साथ कुशल प्रशिक्षक कौशल उन्नयन में परिणाम व गुणवत्ता के बीच एक समन्वय स्थापित कर इस अभियान को तीव्र गति से आगे बढ़ायें, जिसके लिए आवश्यकतानुसार देश-विदेश के अन्य संस्थानों के साथ आपसी साझीदारी भी की जायेगी।
-पारंपरिक क्षमताओं का विकास
श्री रुडी ने जोर देते हुए कहा- हमारा प्रयास ऐसी योजनाएँ बनाने पर है जिसमें वर्तमान में उपलब्ध पारंपरिक क्षमताओं को ही युवाओं के कौशल विकास के उपयोग में लाया जा सके। इसके लिए कौशल विकास के सहभागी उद्योग जगत और निगमों को भी अपना सुझाव देना चाहिए; ताकि इसे नयी कौशल विकास नीति के निर्माण में सम्मिलित किया जा सके।
-चुनौतियाँ और अवसर
श्री रुडी ने कहा की देश में कौशल विकास के क्षेत्र मंे चुनौतियाँ तो हैं पर इससे निपटने के लिए अवसर भी हैं। देश में कौशल विकास का वातावरण तैयार कर उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से ही युवाओं को दक्षता विकास के लिए प्रेरित करना और कौशल उन्नयन के पाठ्यक्रमों को तर्कसंगत बनाने के साथ-साथ नकद ईनामी योजना जैसी रणनीति बनानी होगी।
-नयी कौशल विकासी नीति जल्द
विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में संपन्न हुई कौशल विकास एवं श्रम मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मौजूदा संसाधनों के जरीये ही युवाओं के प्रशिक्षण का विचार व्यक्त किया था। कौशल विकास मंत्री ने कहा- हमारा लक्ष्य सरकार के कार्यकाल तक हर चार भारतीय में से एक भारतीय को हुनरमन्द बनाना है। इसके लिए नयी कौशल विकासी नीति तैयार की जा रही है जिसके अन्तर्गत कौशल उन्नयन के कार्यक्रमों के लिए रेलवे, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, रक्षा क्षेत्र के साथ समन्वय करने व सार्वजनिक क्षेत्र को कौशल विकास के क्षेत्र में आमंत्रित कर नयी कौशल विकास नीति के कार्यान्वयन हेतु संसाधन जुटाने के साथ राज्यों की भागीदारी को भी तय किया जा रहा है। यह जानकारी श्री रुडी के प्रवक्ता धनंजय तिवारी ने दी।

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